"समझाना तुझको कैसे मतलब
ना तू दूर ना करीब मतलब
तेरी बे-मतलब कि बातो का
क्या निकालु अब मै मतलब
जीनेका इक मतलब है मेरे
तुम्हे पाना.. सराहना मतलब
वो बे भरोसे का इतराना तेरा
मेरा तुझपे यकी करना बे मतलब
खुद कि बातों पर अमल नही तेरा
क्यू मेरा भरोसा है तू बे मतलब
इश्क हुंवा है ऐसें अल्लड सें
पी रहा हुं मिठा जहर बे मतलब..!"
रुद्रमल्हार